टीजीटी भर्ती : अंग्रेजी के चार विवादित प्रश्नों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, 30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
प्रयागराज। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा 2026 के अंग्रेजी विषय में पूछे गए चार विवादित प्रश्नों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की तरफ से यह जानकारी दी गई। इसके बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने प्रकरण की अगली सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है।
आयोग ने मांगा 10 दिन का समय, प्रश्न संख्या 3, 11, 12 व 100 पर पुनर्विचार
आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान आयोग की तरफ से 10 दिन का समय मांगा गया। सरकारी वकील के. शाही ने कोर्ट को बताया कि प्रश्न संख्या 3, 11, 12 तथा 100 को फिर से जांचने और पुनर्विचार के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई है। कोर्ट ने मांगा गया समय देते हुए अगली सुनवाई की तिथि नियत कर दी।
याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. ओझा, शिवेंदु ओझा और उमंग चंद्र गुप्ता ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने इन चार सवालों पर गंभीर आपत्ति जताई है।
16 जुलाई को कोर्ट ने कही थी सख्त बात
इससे पहले 16 जुलाई को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा था कि यदि विशेषज्ञ समिति को किसी प्रश्न में त्रुटि मिली हो तो वह आंख बंद नहीं कर सकती। कोर्ट की यह टिप्पणी आयोग के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि प्रश्नपत्र में किसी भी गलती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
37 सवाल सिलेबस से बाहर और गलत बताए गए
याचिका में कुल 37 सवालों को पाठ्यक्रम से बाहर और गलत बताया गया है। कोर्ट के 13 जुलाई के आदेश के अनुपालन में आयोग के अधिवक्ता ने पिछली सुनवाई में यह भी बताया था कि विशेषज्ञ समिति ने जांच के बाद 37 में से 29 सवालों को पाठ्यक्रम से बाहर का माना है।

