68500 शिक्षक भर्ती: OBC आयोग सख्त, आदेश न मानने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत, 5% छूट पर फिर दोहराई सिफारिश
लखनऊ: वर्ष 2018 की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC आयोग) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने अपनी पूर्व संस्तुति को दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि ओबीसी अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा में 5 प्रतिशत अंकों की छूट का लाभ दिया जाए और इससे पात्र होने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। साथ ही आयोग ने अपनी संस्तुति का पालन न करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
9 जनवरी 2018 को जारी 68500 सहायक शिक्षक भर्ती की विज्ञप्ति में ओबीसी अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग के साथ शामिल कर दिया गया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इससे उन्हें आरक्षित वर्ग को मिलने वाले लाभ से वंचित होना पड़ा। इसके बाद ओबीसी अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
आयोग ने पहले भी दी थी सिफारिश
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 5 जनवरी 2022 को सर्वसम्मति से सिफारिश की थी कि ओबीसी अभ्यर्थियों को आरक्षित वर्ग का लाभ देते हुए पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाए और इससे पात्र होने वाले अभ्यर्थियों को 15 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए।
हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संस्तुति का अनुपालन नहीं किया और इसके विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की। आयोग ने पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए अपना पूर्व आदेश यथावत रखा और विभाग को फिर से कार्रवाई के निर्देश दिए।
2026 में फिर दोहराया आदेश
बताया गया कि 29 अप्रैल 2026 को विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से आयोग को पत्र भेजकर 5 प्रतिशत छूट का विरोध किया गया। इसके बाद 16 जून 2026 को हुई आयोग की बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों ने सर्वसम्मति से विशेष सचिव के पत्र को खारिज कर दिया और 9 जुलाई 2026 को औपचारिक संस्तुति जारी की।
आयोग ने बेसिक शिक्षा विभाग से कहा है कि:
ओबीसी अभ्यर्थियों को 5% पासिंग मार्क्स की छूट दी जाए।
संशोधित परिणाम (Updated Result) जारी किया जाए।
पात्र अभ्यर्थियों की सूची आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
संस्तुति का पालन न करने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।
अभ्यर्थियों ने की जल्द न्याय की मांग
68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने आयोग के इस कदम का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से आयोग की संस्तुति का तत्काल पालन करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
नोट: यह मामला अभी प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है। अंतिम निर्णय एवं नियुक्ति की कार्रवाई राज्य सरकार और संबंधित विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार होगी।
