*▪️बिग ब्रेकिंग : बिहार में शिक्षक रेसनलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर बड़ी अपडेट*
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में शिक्षक रेसनलाइजेशन (Rationalization) की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत विद्यालयों में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात एवं विभागीय मानकों के आधार पर शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन कर उन्हें आवश्यकता अनुसार अन्य विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षक फिलहाल रेसनलाइजेशन की प्रक्रिया से पूर्णतः मुक्त रहेंगे, जबकि नियमित शिक्षक, 34540 कोटि के शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक तथा विद्यालय अध्यापक विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। ऐसे विद्यालय जहां निर्धारित मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत पाए जाएंगे, वहां से शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में स्थानांतरित किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया में वरीय शिक्षकों (Senior Teachers) को ही विद्यालय से हटाकर अन्य विद्यालयों,अन्य प्रखंडों में समायोजित किए जाने की संभावना है। इसके लिए वरीयता निर्धारण, सेवा अवधि, विषयवार आवश्यकता तथा अन्य विभागीय मापदंडों के आधार पर सूची तैयार की जा रही है। संबंधित अधिकारियों द्वारा वरीयता निर्धारण के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कटिहार जिले की रेसनलाइजेशन संबंधी रिपोर्ट 16 जुलाई को पटना स्थित विभागीय मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं राज्य के सभी जिलों को 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप एवं मानकों के अनुसार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग की वर्तमान प्राथमिकता केवल रेसनलाइजेशन प्रक्रिया को पूर्ण करना है। इसके उपरांत ही शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) एवं तबादला प्रक्रिया को प्रारंभ किए जाने की संभावना है। अर्थात फिलहाल विभाग का पूरा ध्यान विद्यालयवार शिक्षक आवश्यकता एवं उपलब्धता के संतुलन पर केंद्रित है।
शिक्षकों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा एवं उत्सुकता बनी हुई है। सभी की निगाहें विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अंतिम दिशा-निर्देशों एवं आदेशों पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस श्रेणी के शिक्षकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और आगे स्थानांतरण प्रक्रिया का स्वरूप क्या होगा।
