स्कूली शिक्षकों का तीन चरणों में होगा तबादला, पहले म्युचुअल फिर सामान्य
राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 लागू होने के बाद भी अब तक स्थानांतरण की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं होने से राज्य के लाखों शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है, लेकिन पूरी प्रक्रिया किस प्रकार होगी, आवेदन कैसे होंगे, प्राथमिकता का निर्धारण किस आधार पर होगा और ऑनलाइन प्रक्रिया की रूपरेखा क्या होगी, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किये गये हैं.
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जायेगी. आवेदन करने वाले लोगों का ही स्थानांतरण किया जायेगा. अचानक से किसी शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं होगा. सबसे पहले समायोजन (रैशनलाइजेशन) और पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण होगा. इसके लिए 29 जुलाई से पांच अगस्त तक आवेदन लिये जायेंगे. सात से नौ सितंबर के बीच जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति की बैठक होगी तथा शिक्षकवार समायोजन सूची जारी होगी और उस पर मिली आपत्तियों का भी निपटारा किया जायेगा. दूसरे चरण में 10 से 14 सितंबर तक पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जायेगी
सामान्य स्थानांतरण पर टिकी शिक्षकों की उम्मीद
समायोजन और पारस्परिक
स्थानांतरण पूरा होने के बाद 16 सितंबर को विद्यालयवार रिक्तियों की संशोधित सूची जारी की जायेगी. इसके आधार पर 17 से 23 सितंबर तक सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिये जायेंगे. इसके बाद 24 सितंबर से 31 अक्तूबर तक जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समितियां सामान्य स्थानांतरण सूची का प्रकाशन करेंगी तथा आपत्तियों का निपटारा भी इसी अवधि में किया जायेगा.
एसओपी नहीं होने से बढ़ी दुविधा
हालांकि स्थानांतरण की तिथियां तय कर दी गयी हैं, लेकिन अब तक एसओपी जारी नहीं होने से कई महत्वपूर्ण सवाल बने हुए हैं. शिक्षकों ने की मांग है कि जल्द विस्तृत एसओपी जारी करे, ताकि भ्रम की स्थिति न रहे.
