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Tuesday, July 7, 2026

बिहार शिक्षक 𝗧𝗿𝗮𝗻𝘀𝗳𝗲𝗿 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴 , '𝗡𝗼 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴' फॉर्मूला लागू, शहरी स्कूलों से हटेंगे सरप्लस शिक्षक

 *▪️बिहार शिक्षक 𝗧𝗿𝗮𝗻𝘀𝗳𝗲𝗿 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴 , '𝗡𝗼 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴' फॉर्मूला लागू, शहरी स्कूलों से हटेंगे सरप्लस शिक्षक!*

✅ बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी कर ली है। विभाग अब उन शहरी स्कूलों से शिक्षकों को हटाने जा रहा है जहां जरूरत से ज्यादा (सरप्लस) शिक्षक तैनात हैं। पटना, कैमूर, सिवान और बक्सर समेत 12 जिलों के शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों का ट्रांसफर तो होगा, लेकिन वहां नई पोस्टिंग नहीं की जाएगी।

✅ यह पूरी कवायद 15 जुलाई के बाद शुरू होने वाली है। आइए जानते हैं इस नए नियम और रेशनलाइजेशन (समानुपातीकरण) से जुड़ी हर बड़ी बात।

📌 'नो-पोस्टिंग' फॉर्मूला क्यों लाया गया?

✅ इन 12 जिलों के शहरी क्षेत्रों में मानक से काफी ज्यादा शिक्षक तैनात हैं। अक्सर देखा जाता है कि रसूख और पहुंच के कारण शिक्षक शहरी स्कूलों में जमे रहते हैं, जिससे वहां शिक्षकों की भीड़ हो जाती है, जबकि ग्रामीण इलाकों के स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझते हैं। इस शहरी-ग्रामीण असंतुलन को खत्म करने के लिए 'नो-पोस्टिंग' नीति लाई गई है।

✅ शिक्षा विभाग के नए नियमों के अनुसार, 60 छात्रों पर केवल 2 शिक्षक और 120 छात्रों पर अधिकतम 4 शिक्षकों की ही पोस्टिंग हो सकती है। इन 12 जिलों में स्थिति यह है कि मानक से 15 हजार से अधिक शिक्षक अकेले शहरी इलाकों में तैनात हैं।

🔍 आंकड़े जो आपको हैरान कर देंगे ! 

✅ इन 12 जिलों में कुल 27 हजार स्कूल हैं, जिनमें 80 हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं।

✅ पूरे बिहार की बात करें तो लगभग 14 हजार स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक मौजूद हैं।

✅ पहले चरण में केवल 13 हजार शिक्षकों का रेशनलाइजेशन पूरा हुआ है। विभाग को अभी करीब 22 हजार और शिक्षकों का रेशनलाइजेशन करना बाकी है, जिसके लिए योग्यता, विषय और कैटेगरी के आधार पर डेटाबेस तैयार हो रहा है।

⏳ कब से शुरू होगी प्रक्रिया और किसे मिलेगी प्राथमिकता?

✅ शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया 15 जुलाई के बाद शुरू होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल सभी 38 जिलों में रिक्त पदों की गिनती चल रही है।

✅ ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान अगर किसी स्कूल में कोई पद रिक्त होता है, तो सबसे पहले गंभीर बीमारी से ग्रसित और दिव्यांग शिक्षकों को मौका मिलेगा। इसके बाद ही दूसरे शिक्षकों को घर के पास स्कूल चुनने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वहां सीट खाली हो।

🗣️ जिम्मेदारी और मांगें: क्या कहते हैं संगठन और मंत्री?

👉 "शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए काम हो रहा है। नियमानुसार और निर्धारित मानक मुताबिक ही शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी।"

— मिथिलेश तिवारी, मंत्री, शिक्षा विभाग

बिहार शिक्षक 𝗧𝗿𝗮𝗻𝘀𝗳𝗲𝗿 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴 , '𝗡𝗼 𝗣𝗼𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴' फॉर्मूला लागू, शहरी स्कूलों से हटेंगे सरप्लस शिक्षक Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Primary ka school

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