E20 पेट्रोल विवाद में बड़ा फैसला! कार खराब होने पर मारुति को नई कार या ₹22 लाख देने का आदेश
E20 Fuel News 2026: भारत में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के बढ़ते उपयोग के बीच उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में मारुति सुजुकी को ग्राहक की कार बदलकर नई E20-अनुकूल कार देने या लगभग 22 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला E20 ईंधन से जुड़े विवादों के बीच काफी चर्चा में है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमराज देवता ने जून 2024 में ग्रैंड विटारा कार खरीदी थी। शिकायत के अनुसार, लगभग 21,913 किलोमीटर चलने के बाद कार के इंजन में बार-बार खराबी आने लगी और आखिरकार इंजन बंद हो गया।
उपभोक्ता का आरोप था कि उन्होंने अनिवार्य रूप से E20 ईंधन का उपयोग किया, जिसके कारण इंजन और वाहन के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
आयोग ने क्या कहा?
राज्य उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि कंपनी ने ग्राहक को निर्माण के लगभग 16 महीने पहले तैयार की गई पुरानी स्टॉक की कार बेची थी। आयोग ने इसे उपभोक्ता के हितों के खिलाफ माना और आदेश दिया कि कंपनी:
ग्राहक को नई E20-अनुकूल कार उपलब्ध कराए, या
लगभग ₹22 लाख का मुआवजा अदा करे।
कंपनी ने क्या दलील दी?
मारुति सुजुकी की ओर से कहा गया कि:
कार खराब E20 पेट्रोल से नहीं चली थी।
वाहन में मिलावटी पेट्रोल डाला गया था।
इंजन में E20 ईंधन के अनुरूप तकनीक की कोई कमी नहीं थी।
हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
वारंटी के बावजूद मांगे गए थे पैसे
रिपोर्ट के अनुसार, वाहन वारंटी में होने के बावजूद कंपनी ने इंजन की समस्या के समाधान के लिए करीब ₹5.30 लाख की राशि मांगी थी। इसी के बाद उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया।
E20 ईंधन इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिक क्या ध्यान रखें?
यह फैसला एक विशेष मामले से जुड़ा है। यदि आप E20 पेट्रोल का उपयोग करते हैं, तो:
वाहन निर्माता की E20 Compatibility संबंधी जानकारी अवश्य देखें।
केवल अधिकृत पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं।
इंजन में किसी भी असामान्य समस्या पर तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराएं।
सभी सर्विस रिकॉर्ड और ईंधन की रसीदें सुरक्षित रखें।

