UPTET 2026: गुरुजी भी बने अभ्यर्थी, वर्षों का अनुभव होने के बावजूद देनी पड़ी पात्रता परीक्षा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के दूसरे दिन राजधानी लखनऊ के 46 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बार परीक्षा की सबसे खास बात यह रही कि प्रशिक्षु अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक भी परीक्षा में शामिल हुए। वर्षों तक विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले कई शिक्षक इस बार स्वयं परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थी बनकर अपनी पात्रता साबित करते नजर आए।
अनुभवी शिक्षकों ने भी दी परीक्षा
रिपोर्ट के अनुसार, 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग के कई शिक्षक, जो लंबे समय से विद्यालयों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं, UPTET में शामिल हुए। शिक्षकों का कहना था कि परीक्षा के प्रश्न उनके दैनिक शिक्षण कार्य से अलग थे और उन्हें कई विषयों की दोबारा तैयारी करनी पड़ी।
प्राथमिक और जूनियर स्तर की परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षण विधि, गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों से प्रश्न पूछे गए।
शिक्षकों ने जताई नाराजगी
कुछ शिक्षकों ने परीक्षा को लेकर नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि वे वर्षों से अपने निर्धारित विषय का अध्यापन कर रहे हैं, फिर भी उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देनी पड़ रही है। कई शिक्षकों ने इसे अनावश्यक बताते हुए कहा कि सरकार को अनुभवी शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
90 प्रतिशत से अधिक रही उपस्थिति
लखनऊ के 46 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई।
पहली पाली: 19,734 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 18,351 (92.99%) उपस्थित रहे।
दूसरी पाली: 18,717 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 94.84% उपस्थिति दर्ज की गई।
परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
प्रशासन के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई।
