प्रधानाचार्य पद पर चयनित, कार्यभार मिलने से पहले ही हो गए सेवानिवृत्त
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज: एडेड माध्यमिक विद्यालयों के लिए वर्ष 2013 की प्रधानाचार्य भर्ती में इतना अधिक विलंब हो गया कि इसमें चयनित कुछ अभ्यर्थी बिना प्रधानाचार्य पद पाए प्रवक्ता पद से ही सेवानिवृत्त हो गए। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ पदलाभ से भी वंचित होना पड़ा है। इसके अलावा ऐसे भी अभ्यर्थी हैं जो इस भर्ती में अंतिम रूप से चयनित तो हैं, लेकिन अभी कार्यभार ग्रहण कर पाने की प्रतीक्षा में हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने दिसंबर-2013 में 632 पदों की इस भर्ती का विज्ञापन निकाला था। यह भर्ती साक्षात्कार के माध्यम से होनी थी, लेकिन साक्षात्कार कार्यक्रम जारी किए जाने में अधिक विलंब होने पर आवेदन किए कुछ शिक्षक अभ्यर्थी जल्दी सेवानिवृत्त हो जाने पर पदलाभ के साथ पद के सम्मान से भी वंचित हो गए।
उ. प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग
साक्षात्कार कराए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2022 में 14 से 30 मार्च तक मंडलवार साक्षात्कार कराए जाने का कार्यक्रम जारी किया गया। इसके बाद 11 नवंबर 2022 को कानपुर मंडल का तथा शेष 17 मंडल का चयन परिणाम 13 नवंबर को जारी किया गया। चयनित प्रधानाचार्यों का विद्यालय आवंटन (पैनल) छह दिसंबर को जारी किया गया। पैनल आवंटन में कुछ त्रुटि होने पर कुछ अभ्यर्थी फिर कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट ने यथास्थिति (स्टेटस-को) का आदेश कर दिया।
आदेश के पहले तक जिन 124 प्रधानाचार्यों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था, वह तो सेवारत हो गए, लेकिन जो कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए, वह अब तक अटके हुए हैं। पिछले दिनों यथास्थिति का आदेश कोर्ट से हट जाने के बाद अब भर्ती पूरी होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इधर, भर्ती इतनी विलंबित हो गई कि इसमें अलीगढ़ मंडल में चयनित राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, योगेश कुमार शुक्ल बिना पद पाए ही सेवानिवृत्त हो गए। इनके अलावा साहबदीन अब सत्र लाभ के कारण सेवा में हैं, उनकी सेवानिवृत्ति तिथि 31 मार्च थी।

