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Thursday, September 17, 2026

खुशखबरी : कैबिनेट में लिया गया फैसला, पेंशन का दायरा बढ़ेगा, 25 हजार तक वेतन पर पीएफ कटौती अनिवार्य

खुशखबरी : कैबिनेट में लिया गया फैसला, पेंशन का दायरा बढ़ेगा, 25 हजार तक वेतन पर पीएफ कटौती अनिवार्य

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। ईपीएफओ की न्यूनतम वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी।



सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन सीमा में 12 वर्ष के बाद बढ़ोतरी की गई है। नई वेतन सीमा को गुरुवार से लागू किया जाएगा। इस फैसले से सरकार पर सालाना 11,339 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा।







केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि इससे एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेगा। पुराने कर्मचारियों का पीएफ योगदान बढ़ेगा तो नए भी ईपीएफओ के दायरे में आएंगे। ईपीएफओ के तहत मौजूदा वेतन सीमा सितंबर 2014 में 15 हजार प्रति माह तय की गई थी। बीते 12 वर्षों में वेतन, न्यूनतम मजदूरी, जीवन-यापन की लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए न्यूनतम वेतन सीमा को बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।




ईपीएफओ सदस्यों को मिलते हैं तीन लाभ


ईपीएफओ अपने सदस्यों को तीन तरह की सामाजिक सुरक्षा देता है। नंबर एक पेंशन, बचत पर सालाना 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज और तीसरा किसी कारण से मृत्यु होती है तो परिजनों को ढाई से सात लाख रुपये तक का वित्तीय लाभ। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा पाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी।






24 सौ रुपये तक योगदान बढ़ेगा




अब 25 हजार बेसिक पर


अब 25 हजार बेसिक पर


दिल्ली में बुधवार को कैबिनेट फैसले की जानकारी देते सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव।


नए कर्मचारी भी जुड़ेंगे




श्रम मंत्रालय के अनुसार वेतन सीमा बढ़ाए जाने से काफी संख्या में कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आएंगे। अभी तक यह अनिवार्यता थी कि मूल वेतनमान 15 हजार होने की स्थिति में ईपीएफओ का सदस्य बनना पड़ेगा। उससे अधिक का वाले कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य नहीं था।




कर्मचारियों का 2400 रुपये तक का मासिक पीएफ योगदान बढ़ सकता है, जिन मामलों में मूल वेतनमान 15 हजार से अधिक और 25 हजार से कम है, उनके खाते में न्यूनतम वेतनमान के अंतर के हिसाब से पीएफ में योगदान बढ़ेगा।




15 से 25 हजार होने पर मासिक बदलाव




(रुपये में)




कर्मचारी का योगदान 1800 3000




नियोक्ता का योगदान 1800 3000




इसमें शामिल ईपीएस 1250 2082.50




नियोक्ता का ईपीएफ हिस्सा 550 917.50




कुल पीएफ कर्मचारी+नियोक्ता 3600 6000




नोट: उपरोक्त आंकड़े अनुमानित हैं, जो कर्मचारी के न्यूनतम वेतनमान के हिसाब से तय होंगे।

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