यूपी के 5 लाख से ज्यादा वकीलों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज, योगी के 3 बड़े ऐलान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के 5 लाख से अधिक पंजीकृत अधिवक्ताओं को जल्द 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज में यह ऐलान किया। उन्होंने 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैंबरों के लिए फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने तथा 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट देने की भी घोषणा की। राज्य विधि अधिकारियों की फीस में 50 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी की गई है।
सीएम सोमवार शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए हाईकोर्ट की ओर से आने वाले प्रस्तावों पर सरकार पूरा सहयोग करेगी।
युवा वकीलों की चमक देखकर बोले- भविष्य उज्ज्वल
योगी ने कहा कि हाईकोर्ट में प्रवेश करते समय युवा अधिवक्ताओं के चेहरों की चमक देखकर उन्हें लगा कि भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के सामने संसाधनों के साथ व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही, कानून-व्यवस्था और न्यायिक ढांचे की चुनौतियां थीं।
सीएम ने पुलिस व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले पुलिस में 45 से 50 फीसदी पद खाली थे और प्रशिक्षण क्षमता महज 3 हजार की थी। अब इसे बढ़ाकर 7 हजार पुलिसकर्मियों तक किया गया है।
राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका
योगी ने अधिवक्ता समाज को देश का प्रबुद्ध वर्ग बताते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई, संविधान निर्माण और लोकतंत्र को मजबूत करने में वकीलों का बड़ा योगदान रहा है। राष्ट्र निर्माण के मौजूदा दौर में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
केशव बोले- निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं, अपराधी को छोड़ेंगे नहीं
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज को संगम के साथ न्याय की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव के बाद आम लोगों का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है—निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।
2400 चैंबरों वाली बिल्डिंग की चाबी सौंपी
सीएम ने अधिवक्ता कक्ष भवन की सांकेतिक चाबी बार एसोसिएशन को सौंपी। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनी 2400 चैंबरों वाली इस बिल्डिंग का उद्घाटन 31 मई 2025 को हो चुका है। अब चाबी मिलने के बाद चैंबरों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में इस समय 5 लाख 14 हजार 439 सक्रिय पंजीकृत अधिवक्ता हैं। इससे पहले योगी सरकार शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, पीआरडी जवानों तथा रसोइयों को भी 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दे चुकी है।
