हैसियत से ज्यादा लेनदेन पर बैंक खाता फ्रीज हो जाएगा
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। साइबर धोखाधड़ी के जरिए कमाई गई अवैध धनराशि पर पुख्ता निगरानी रखने के लिए बैंकिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैंक हर ग्राहक की वित्तीय प्रोफाइल के हिसाब से लेनदेन पर नजर रखेंगे। किसी खाते में ग्राहक की हैसियत से ज्यादा का लेनदेन दिखा तो बैंक एक निर्धारित अवधि के लिए खाते को फ्रीज कर देगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिजर्व बैंक ने फर्जी खातों को पकड़ने के लिए नई व्यवस्था का मसौदा जारी किया है। इसके तहत बैंक को संदिग्ध लेनदेन मिलने पर संबंधित राशि या खाते पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का अधिकार होगा, साथ ही खाताधारक को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।
नई व्यवस्था अप्रैल 2027 से लागू होगी। मसौदे के तहत एक हजार या अधिक के लेनदेन को संदिग्ध माना जा सकता है, जिन्हें लेनदेन निगरानी प्रणाली संदिग्ध मनी म्यूल गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की रकम के तौर पर चिन्हित करे। फर्जी लेनदेन की पहचान के लिए बैंक एआई प्रणालियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। बैंक को अधिकार होगा कि असामान्य लेनदेन होने पर उसे संदिग्ध मान सके।

