आउटसोर्स भर्ती: यूपी में मेरिट से स्थानीय युवाओं को वरीयता, ग्रुप सी-डी में इंटरव्यू खत्म, इन महिलाओं को तरजीह
प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और पारिश्रमिक व्यवस्था को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत कई और अहम बदलाव किए गए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के तहत होने वाली भर्तियों में अब चयन 100 अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अगर कंपनियां किसी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही करती हैं तो उन पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
ग्रुप सी और डी के पदों पर इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। स्थानीय युवाओं को मेरिट में 15 अंक का वेटेज मिलेगा। वहीं विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स एजेंसियों का चयन सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से किया जाएगा।
एजेंसी का चयन न्यूनतम तीन साल के लिए होगा। जरूरत समाप्त होने तक उसकी सेवाएं जारी रखी जा सकेंगी। निगम, संबंधित विभाग और चयनित एजेंसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा। काम में लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकेगा।
लिखित परीक्षा के 50 अंक
भर्ती की 100 अंकों की मेरिट में लिखित परीक्षा के लिए अधिकतम 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित योग्यता से अधिक शैक्षिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को 25 अंक तक मिलेंगे। संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होने पर 15 अंक दिए जाएंगे। विशेष महिला वर्ग में विधवा को पहली, तलाकशुदा को दूसरी और परित्यक्ता महिला को तीसरी प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ग के लिए कुल 10 अंक निर्धारित हैं।
ये होगी चयन प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभ्यर्थियों का चयन सेवायोजन पोर्टल से उपलब्ध कराए गए नामों में से किया जाएगा। एक पद के लिए वरिष्ठता क्रम में पांच अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। दो या इससे अधिक पद होने पर प्रत्येक पद के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को लिया जाएगा, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या कम से कम 10 होगी।
आरक्षण नियम भी लागू
आउटसोर्स भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, महिलाओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और भूतपूर्व सैनिकों को नियमों के तहत आरक्षण दिया जाएगा। भर्ती और कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर समितियां बनाई गई हैं।
