शिक्षक भर्ती में आठ तरह के विवाद निपटाएगा सुप्रीम कोर्ट
प्रयागराज। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती में सुप्रीम कोर्ट केवल आरक्षण विवाद ही नहीं कुल आठ तरह के मामलों का निस्तारण करेगा। शीर्ष अदालत ने आठ प्रकार की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को श्रेणीवार संकलित करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से सुविधा संकलन तैयार करने की जिम्मेदारी आठ अधिवक्ताओं को सौंपी गई है। ये याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) के 13 अगस्त 2024 के अंतिम आदेश के खिलाफ दायर की गई हैं।
रवि कुमार सक्सेना व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य सहित दर्जनों विशेष अनुमति याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सुझाव दिया कि वैसे तो पूरा बैच एक ही आदेश
69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुनवाई टली
14 तक रिपोर्ट मांगी, 16 सितंबर को सुनवाई
इन आठ कैटेगरी में बंटे याचिकाकर्ता
सेवारत अनारक्षित वर्ग के शिक्षक।
विविध श्रेणी जिनकी कोर्ट को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बीएड/डीएलएड/बीटीसी अभ्यर्थी।
दोहरा आरक्षण के खिलाफ संघर्षरत अचयनित अनारक्षित अभ्यर्थी।
उत्तरकुंजी में एक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी।
भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थी।
जिला आवंटन से प्रभावित अभ्यर्थी।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण न मिलने से प्रभावित अनारक्षित वर्ग के अचयनित अभ्यर्थी।
से जुड़ा है, लेकिन अलग-अलग श्रेणियों के मुद्दे अलग दृष्टिकोण से तर्क की मांग करते हैं। कोर्ट ने इस सुझाव को स्वीकार कर लिया।

