प्रतापगढ़। कोरोनाकाल में सूबे के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के अभिभावकों के खाते में मिड डे मौल योजना के तहत कन्वर्जन कास्ट कौ रकम भेजने में बैंकों ने सरकार को रुपये का चूना लगा दिया।
प्रदेश में विद्यालयों के बंद होने के बाद 24 मार्च 2020 से फरवरी 2021 के बीच तीन चरणों में बैंकों ने अभिभावकों के खाते में धनराशि अंतरित करने के लिए यह रुपये नेफ्ट शुल्क के रूप में वसूले हैं।

