प्रयागराज। अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती-2010 में हुई धांधली के मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई अब समीक्षा अधिकारी (आरओ)/ सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) भर्ती 2014 के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी में है। इस परीक्षा में भी सीबीआई को धांधली के सुबूत मिले हैं और सीबीआई की ओर से पीई (प्राथमिक जांच) दर्ज की जा चुकी है। अब किसी भी दिन मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। आरओ/एआरओ-2014 की मुख्य परीक्षा 29 एवं 30 अगस्त 2015 को इलाहाबाद एवं लखनऊ में हुई थी।
प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए 16 हजार से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। सहायक समीक्षा अधिकारी के पद के लिए हिंदी/अंग्रेजी टाइप टेस्ट वर्ष 2016 में 16 से 27 जुलाई के बीच कराया गया था। 28 नवंबर 2016 को परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया, जिसमें 426 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। इनमें सर्वाधिक 251 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनति हुए थे।
यह परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही। पहले आरोप लगे कि परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बदल दी गई हैं। अभ्यर्थियों से ओ- लेवल सर्टिफिकेट मांगे गए थे। यह आरोप भी लगे कि ओ-लेबल सर्टिफिकेट की जगह दूसरे प्रमाणपत्र
स्वीकार किए गए। कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी अभिलेख लगाए और तमाम अभ्यर्थियों को टाइप टेस्ट में अनुचित लाभ पहुंचा गया। आरोप लगाए गए कि टाइप टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों का भी चयन किया गया। सीबीआई जांच शुरू हुई तो तमाम अभ्यर्थियों ने सीबीआई के समक्ष अभिलेखीय साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। जांच के दौरान सीबीआई को गड़बड़ी के ठोस सुराग मिले, जिसके बाद सीबीआई ने पीई दर्ज कर ली और अब मुकदमा दर्ज करने जा रही है।

