परियावां। आखिर जर्जर प्राथमिक विद्यालय में पठन-पाठन कैसे होगा। अगर इस विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य चलता रहा तो कभी भी कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उधर, जब बच्चे पूरी तरह से जर्जर विद्यालय में पढ़ने के लिए आएंगे तो वह भी एक खतरा बच्चों के सिर पर मंडराता रहेगा। कालाकाकर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शेरवानीपुर (केरावडीह ) का विद्यालय पूरी तरह से जर्जर हो गया है। कभी भी वह बिल्डिंग भरभरा कर गिर सकती है। पूरी बिल्डिंग में बड़ी-बड़ी दरार देखने को मिल रही है। बारिश में छत से पानी टपकता है। सोचने वाली बात यह है कि आखिर बच्चे कैसे इस विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य करेगें इससे कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, केरावडीह के ग्राम प्रधान
बुधई पटेल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर विद्यालय बनवाने वाले अध्यापक के खिलाफ जांच कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने तत्कालीन प्रधानाध्यापक के खिलाफ जांच कराने की भी मांग करते हुए नई बिल्डिंग बनवाने के बाद पठन- पाठन कराने की मांग की है।

