वाराणसी - मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भारतेन्द्र सिंह की अदालत ने बड़ागांव थाना क्षेत्र के करोमा गांव में आंगनबाड़ी सहायिका व रसोइया की मौत के मामले में प्रधानाचार्य शैलेश मिश्र, एबीएसए हरहुआ जय सिंह, प्रधान पति दिलीप सरोज व आंगनबाड़ी कार्यकर्ती बादामा देवी समेत चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
अदालत ने यह आदेश वादी कोरोमा निवासी राहुल यादव के अधिवक्ता सोमेश कुमार की दलील सुनने के राउला बाद दिया। आवेदन में कहा गया कि वादी की माता बीना देवी आंगनबाड़ी सहायिका और दादी अमरा देवी रसोइया के पद पर कार्यरत थीं। 16 सितंबर 2019 को सुबह साढ़े 10 बजे वादी की माता रसोई में गई तो दादी अमरा ने बताया कि रसोई में गैस का पाइप फट गया है और गैस निकल रहा है। खाना बनाने से इंकार करने पर प्रधानाचार्य जबरन गैस चूल्हा जलवाकर खाना बनवाने लगे। आरोप है कि गैस रिसाव से आग लग गई और दोनों झुलस गईं और बाद में मौत हो गई। वादी ने जबरदस्ती खाना बनवाने का आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य व अन्य पर मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया। अदालत ने इन परिस्थितियों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।

