डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के द्वितीय सेमेस्टर के गणित विषय का चतुर्थ प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद केंद्र के बाहर खड़े अभ्यर्थी किताब, गाइड बुक और गूगल से सवालों का जवाब ढूंढने लगे। अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि परीक्षा में मिला प्रश्न पत्र और वायरल हो रहे कागज पर लिखे सवाल एक दूसरे से मेल खा रहे हैं। हालांकि डायट प्राचार्य ने पेपर वायरल होने की घटना से साफ तौर पर इनकार किया है। उनका कहना है नकल विहीन तरीके से परीक्षा का आयोजन हुआ है।
सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज में बने केंद्र के बाहर मौजूद अभ्यर्थियों ने बताया कि डीएलएड वर्ष 2017-18 के अंक सुधार, फेल अभ्यर्थियों की परीक्षा शहर के पांच केंद्रों पर आयोजित हो रही है। बृहस्पतिवार को गणित विषय के चतुर्थ प्रश्न पत्र की परीक्षा दोपहर 12 से 1 बजे के बीच प्रस्तावित थी। केंद्र पर समय से पहले पहुंचने के बाद अभ्यर्थी अंदर जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान आधे घंटे के अंतराल पर दो बार किसी के पास सोशल मीडिया से प्रश्नपत्र आने की अफवाह फैल गई। जिसके बाद अभ्यर्थी पेपर को लेकर उनका जवाब ढूंढने में जुट गए।अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि 11:30 बजे वायरल हुआ पेपर, मूल प्रश्नपत्र से मेल नहीं खा रहा था। मगर दूसरी बार वायरल हुआ साल्व पेपर के सवाल मूल प्रश्नपत्र से मिल रहे थे।
परीक्षा का समय 12 बजे होने की वजह से जिनके पास सवाल आ गए थे, उन्होंने उसके जवाब देखकर परीक्षा दी है। बता दें कि जिले के पांच केंद्रों पर वर्ष डीएलएड के द्वितीय सेमेस्टर वर्ष 2017-18 के जिन अभ्यर्थियों की परीक्षाएं छूट गई, अंक सुधार या अनुर्तीण अभ्यर्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं। 3500 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

