उन्नाव। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की जनपदीय कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सुमेरपुर ब्लॉक की शिक्षामित्र सुशीला उर्फ रोली देवी के गंगा में कूदकर जान देने की घटना में पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखा और श्रद्धांजलि दी।
जिलाध्यक्ष सुधाकर तिवारी ने कहा कि अभी तक उत्तर प्रदेश में लगभग 4000 से ज्यादा शिक्षामित्र आर्थिक तंगी व अवसाद में आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर चुके हैं। जबकि भाजपा ने विधानसभा 2017 के संकल्पपत्र में शिक्षामित्रों का स्थायी समाधान शामिल किया था। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी बनी थी लेकिन चार साल बीतने के बाद भी आज तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं ले सकी है। जिला मंत्री भानु प्रताप सिंह ने कहा कि सुशीला 25 जुलाई 2017 को हुए शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त हो जाने के बाद से ही आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। परिवार में आर्थिक अभाव के कारण ही उन्होंने गंगा में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप शुक्ल, ज्ञान दीक्षित, कमलकांत शुक्ल, अजीत कुमार, भानु प्रताप सिंह, रामेंद्र सिंह, चंदन बाजपेई भी मौजूद रहे।

