Primary ka master-चायल के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती में मनमानी
विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण कहीं पर शिक्षकों का टोटा तो कहीं पर अध्यापकों की फौज, स्कूलों में प्रभावित हो रहा बच्चों का पठन-पाठन
चायल। ब्लॉक के गांवों में बेसिक शिक्षा का बुरा हाल है। परिषदीय विद्यालयों में मानक की अनदेखी कर तैनात किए गए। शिक्षकों के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कहीं शिक्षकों की मनमानी के कारण पठन-पाठन प्राभवित हो रहा है तो किसी विद्यालय में अध्यापकों की कमी है। मनमाने तरीके से तैनात किए गए शिक्षकों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी खींचतान चल रही है।
विद्यालयों में बच्चों की संख्या और उपस्थिति के अनुपात में शिक्षकों की शिक्षकों की तैनाती का प्रावधान है। लेकिन विभाग में शिक्षकों की तैनाती का यह अनुपात चायल ब्लॉक के गांवों में संचालित विद्यालयों में लागू नहीं हो रहा है। यहां शिक्षकों की तैनाती में मनमानी बरती गई है। ब्लॉक के किसी विद्यालय में अध्यापक की संख्या कम है तो कहीं शिक्षकों की फौज है। यह सब विभाग में तैनात जिम्मेदारों की मनमानी के कारण हो रहा है।
चायल ब्लॉक के बीआरसी परिसर में संचालित होने वाला संविलियन विद्यालय ही मानक, नियम और अनुपात के विपरीत है। यहां पर अनदेखी करते हुए तीन शिक्षामित्र और तीन अनुदेशक सहित कुल 26 शिक्षक तैनात किए गए हैं। जबकि इन अध्यपाकों के सापेक्ष बच्चों की संख्या 956 दिखाई। गई है। इसी प्रकार गेरिया खालसा में तीन सौ बच्चों के सापेक्ष 11 शिक्षक तैनात किए गए है। चिल्ला शाहबाजी में 12 और बिलासपुर में 11 शिक्षक तैनात हैं। ब्लॉक के कुछ विद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहद खराब है।

