अमरोहा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के ब्योरा एकत्र करने में लापरवाही का मामला सामने आया है। इसके चलते महज 36.8 प्रतिशत स्कूलों के ब्योरा पोर्टल पर दर्ज हो सका है।
निदेशालय को कुल 364 स्कूलों ने बच्चों का डाटा भेजा गया है। फिलहाल 969 स्कूलों का ब्योरा दर्ज करना बाकी है। ऐसे में बच्चों को ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और बैग खरीदने में देरी हो सकती है। बगैर ब्योरा दर्ज हुए 1100-1100 रुपये अंतरित नहीं हो सकेंगे। महत्वाकांक्षी योजना के प्रति जिम्मेदारों की उदासीनता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रदेश सरकार ने परिषदीय अनुदानित संलग्न प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और मदरसों के विद्यार्थियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करने के आदेश दिए है।
इन स्कूलों में कुल 1,22,661 विद्यार्थियों के नामांकन हैं। दरअसल सरकार इस बार ड्रेस, जूता-मोता, बैग और स्वेटर की आपूर्ति नहीं करेगी बल्कि बच्चों के अभिभावकों के बैंक अकाउंट में रकम अंतरित किए जाएंगे। इसके लिए बच्चों के आधार उनकी जन्मतिथि समेत अन्य जानकारी और अभिभावकों के बैंक अकाउंट का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है इसके बाद संबंधित स्कूल के शिक्षकों को पोर्टल पर अपलोड करना है।
जिले में कुल 1,333 स्कूल और अनुदानित मदरसे हैं। हालांकि अब तक महज 963 स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने एप को डाउनलोड किया है। फिलहाल 15.020 विद्यार्थियों का सत्यापन हो चुका है, जबकि महज 364 स्कूलों ने बच्चों के ब्योरे को पोर्टल पर फ्रीज कर चुके हैं।

