देवरिया अनुदानित विद्यालयों में फर्जी अनुमोदन पत्र के जरिए अध्यापक बने नौ जालसाजों पर पुलिस इनाम की राशि बढ़ा कर 50 50 हजार रुपये करने की तैयारी कर रही है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने डीआईजी गोरखपुर को पत्र भेजा है। इन पर कोतवाली पुलिस अभी तक 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषनित कर चुकी है। इनकी गिरफ्तार के लिए पुलिस दबिश दे रही है लेकिन इनके बारे में सुराग नहीं लग पा रहा है। एसटीएफ ने जुलाई माह में फर्जीवाड़े का खुलासा कर पांच को गिरफ्तार किया था। जबकि 17 लोगों पर कोतवाली पुलिस ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।
बेसिक शिक्षा कार्यालय से अनुदानित विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों का 11 जुलाई को एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया था। इनके अनुमोदन पत्र फर्जी पाए गए तो कोतवाली में 17 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच एसआईटी को सौंप दी गई।
पांच आरोपियों को एसटीएफ गिरफ्तार करने में सफल हो गई लेकिन अन्य फरार रहे। करीब तीन माह से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक अक्तूबर को राघवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव 88-ए आवास विकास कालोनी थाना शाहपुर जनपद गोरखपुर, विनय कुमार भटवलिया देवरिया कुमारी अंजनी विशुनपुरा कूड़ाघाट खोराबार उर्फ सूबा बाजार कूड़ाघाट थाना खोराबार जनपद गोरखपुर, सुरेंद्र यादव पुत्र स्व. रामसूरत यादव बैदा, पोस्ट टेकुआ भलुअनी जनपद देवरिया, जगदीश यादव महुई कुंवर गौरा जयनगर थाना बरहज जनपद देवरिया, विमला यादव कौड़िया मन्नीपुर सहरौली थाना गोला जनपद गोरखपुर, नीतू रस्तोगी 1360/06 डॉ. वर्मा कोठी के पीछे आजाद नगर थाना नवाबगंज जनपद बाराबंकी, श्वेता मिश्रा पत्नी अखिलेश शुक्ला 9/511 सिंधी मिल कालोनी थाना कोतवाली जनपद देवरिया, रंजना कुमार निवासी मिश्रा बौरडीह थाना गौरी बाजार जनपद देवरिया पर 25 25 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया था। अब पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने इनाम की धनराशि 50-50 रुपए करने के लिए डीआईजी गोरखपुर को पत्र भेजा है।

