बदायूं। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य लंबित मांगों के समर्थन में बाइक रैली निकाली में गई। रैली में मौजूद कर्मचारियों शिक्षकों ने नारेबाजी की। साथ ही नई पेंशन व्यवस्था को धोखा बताते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों समेत अन्य के मानदेय को बढ़ाने की भी मांग की। साथ ही रैली का समापन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को अपनी मुख्य मांगों के बारे में अवगत कराते हुए जापन सौंपा।
संजीव शर्मा ने एक अप्रैल 2005 से लागू नई पेंशन व्यवस्था को धोखा करार देते हुए पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेश चिकित्सा सुविधा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों, शिक्षकों को नियमित कर पूर्ण वेतनमान देने की बात भी कही। वहीं आंगनवाड़ी को 15 हजार व सहायिका को 10 हजार रुपये, रसोईयों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने के साथ ही जिला पंचायत, बेसिक शिक्षा परिषद, डीआरडीए के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग भी माग उठाई गई।
डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के आरएन यादव व अन्य डिप्लोमा इंजीनियर्स ने जूनियर इंजीनियर का प्रारंभिक वेतनमान व उनके एसीपी व्यवस्था लागू करने की मांग की। उप्र लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह यादव ने राजस्व लेखपाल का पदनाम उप राजस्व निरीक्षक की मांग की।
पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारियों को प्रधानों के शोषण से मुक्त करने व प्रोन्नति के अवसर आशा बहुओं को पदोन्नति एएनएम पद पर किए जाने की भी मांग की गई।
वहीं बेसिक विद्यालयों में संविलियन निरस्त करने, प्रधानाध्यापक के पद पर लंबित पदोन्नति पूर्ण करने के साथ ही अंतरजनपदीय और जिला स्तर के स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर ऑनलाइन कार्य के नाम शिक्षकों व कर्मचारियों का शोष बंद करने की मांग की। साथ कलक्ट्रेट के लिपिक संवर्ग कर्मचारियों को नायब तहसीलद के पदों पर पदोन्नति का द प्रतिशत कोटा को कहा।

