खेसरहा। बच्चों को आईटी क्षेत्र में बेहतर शिक्षा मिले। इसके लिए बांसी के बेलौहा में वर्ष 2018 से संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संसाधनों का घोर अभाव है। यहां पर न तो प्रर्याप्त संख्या में शिक्षक हैं और न ही संसाधन। ऐसे में बच्चों की बेहतर शिक्षा की उम्मीद दम तोड़ रही है। मगर जिम्मेदार बेखबर हैं।
बांसी तहसील क्षेत्र के खेसरहा ब्लॉक के बेलौहा में वर्ष 2018 से संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बांसी में संसाधनों का घोर अभाव है। बेलौहा मरवटिया मुख्य मार्ग से प्रशिक्षण संस्थान तक पहुंचने के लिए लगभग 80 मीटर कीचड़ युक्त चकमार्ग से हो कर जाना सबकी मजबूरी है। पदों के सापेक्ष अभी तक नियुक्ती भी नहीं हुई है। संस्था में सृजित कुल 50 पदों में 41 पद स्थाई है। एवं 9 पद आउटसोर्सिंग से होना है। कुल सृजित पदों के सापेक्ष अभी तक मात्र 9 पदों पर नियुक्ति की गई है। 41 पद खाली चल रहे हैं। वर्ष 2018 से संचालित है केंद्र पर चतुर्थ श्रेणी में 9 की जगह अभी भी खाली है जो आउटसोर्सिंग से होना है। वैसे तो संस्था में अनुदेशक स्टेपटर 30 पद, जिस पर 6 नियुक्त हैं। वरिष्ठ सहायक 3 पद है के सापेक्ष 2 ही नियुक्त हैं। फोरमैन के तीन पदों में से मात्र एक पर ही नियुक्ति है। कलर्क के तीन तथा भंडारी एक, परिचय भंडारी तीन पद रिक्त हैं। ऐसे में बेहतर शिक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। विडंबना यह है कि ट्रेडों वह प्रशिक्षुओं के संख्या के दृष्टिगत प्रशिक्षकों के अभाव में संस्थान कैसे प्रशिक्षण देता है यह समझ से परे है। संस्था में द्वितीय वर्ष के छात्र मोहम्मद इसराइल ने बताया कि संस्था में टीचरों की कमी है। इस कारण से एक टीचर को चार घंटे तक अलग अलग ट्रेड पढ़ाना पड़ता है।
संस्था में अभी तक बाथरूम, शौचालय, बिजली, पानी की समस्या बनी हुई है। इसी तरह से छात्र दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि संस्था में पानी की टंकी सिर्फ शोपीस बनकर रह गया। प्रशिक्षण लेने के लिए टीचर की कमी है। एक ही टीचर को सभी ट्रेड पढ़ाना पड़ता है। इस संबंध में संस्था के प्रिंसिपल मस्तराम ने बताया कि संस्था में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिये मांग किया गया है।
