बलिया। कोचिंग सेंटर चलाने वाले या कोचिंग में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। अब सरकारी शिक्षकों को कोचिंग में न पढ़ाने का शपथपत्र देना होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश मिश्र ने प्रधानाचार्यों से कहा कि विद्यालय में कार्यरत प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापकों से शपथ पत्र लें, जिसमें अध्यापकों को लिखकर देना होगा कि वह न तो कोई कोचिंग पढ़ाते हैं और न ही किसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाने के लिए जाते हैं। शपथपत्र तीन दिवसों में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें। इस संबंध में डीआईओएस ने बताया कि जिले में 25 पंजीकृत कोचिंग सेंटर हैं। वहीं, जिसको कोचिंग का संचालन करना है, वह पंजीकरण करा सकता है। यदि बिना पंजीकरण के कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ 50 हजार से एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।
