बहजोई। परिषदीय विद्यालय के निरीक्षण में बीएसए को मध्याहन भोजन योजना की कनवर्जन कास्ट (मिड डे मील भत्ता ) में घपला मिला। वहीं, कंपोजिट ग्रांट के सापेक्ष भी विद्यालय में कराए गए कार्य संतुष्टिपूर्ण नहीं मिले। इसको लेकर बीएसए की ओर से पूरे मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे करीब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी ने कन्या प्राथमिक विद्यालय चौधरी सराय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक प्रेरणा लक्ष्य समेत दूसरी जानकारियां नहीं दे पाए। विद्यालय में कार्यरत स्टाफ की फोटोयुक्त फ्लैक्सी नहीं मिली। मिशन प्रेरणा के तहत किसी भी छात्र-छात्रा का अधिगम स्तर का मूल्यांकन नहीं किया गया कंपोजिट ग्रांट में बीते तीन वर्षों से 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए गए. लेकिन ग्रांट का कहीं भी सदुपयोग नहीं पाया गया। विद्यालय में करीब 50 छात्र-छात्राओं के बैठने का स्थान उपलब्ध मिला, लेकिन मध्याह्न भोजन पंजिका में बीते माह छात्र उपस्थिति लाभार्थी छात्र संख्या 120 तक दिखाकर परिवर्तन लागत की धनराशि हस्तांतरित की गई है।
बीएसए ने बताया कि इससे प्रथम दृष्टतथा विद्यालय में शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आ रहा है। पूरे मामले में जांच को लेकर तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति में शामिल जांच अधिकारियों में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक मध्याहन भोजन योजना व खंड शिक्षा अधिकारी संभल को जांच कर आख्या उपलब्ध कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
