कहीं दीवार व फर्श टूटी हुई है, तो कहीं पानी की व्यवस्था नहीं, छात्रों व शिक्षकों को हो रही परेशानी
महराजगंज। शासन व प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जिले के 213 परिषदीय विद्यालयों के शौचालय बदहाल हैं। कहीं शौचालय की दीवार व फर्श टूटी हुई है, तो कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है। इससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शौचालयों की दशा सुधारने के लिए पहल प्रारंभ कर दी गई है।
जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1695 विद्यालय संचालित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 213 विद्यालय चिह्नित किए गए हैं जहां के शौचालय की स्थिति अत्यंत खराब है। कहीं शौचालय जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है, तो कहीं दीवार व फर्श टूटी हुई है। कहीं प्लास्टर निकला हुआ है, तो कहीं पानी की आपूर्ति नहीं हाक रही है। इसकी वजह से विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मी उसका उपयोग करने से कतराते हैं। शौचालय की कमी को दूर कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरे जिले में स्थिति का पता लगाया तो यह बात सामने आई कि पनियरा को छोड़कर शेष 11 ब्लॉकों में शौचालय बदहाल पड़े हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने शौचालयों की दशा सुधारने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि कायाकल्प योजना से बदहाल शौचालयों को व्यवस्थित करने के लिए डीपीआरओ को सूची समेत पत्र भेजा गया है।
