जिले के बीस प्रतिशत बच्चे उठा रहे डाटा फीडिंग करते समय हुई त्रुटियों का खामियाजा, नहीं मिले स्वेटर, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे
बहजोई। जिले के 22,554 स्कूली बच्चों के खातों में डीबीटी की धनराशि नहीं पहुंची। इसके चलते करीब बीस प्रतिशत बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, • स्कूल बैग नहीं मिल सके हैं। त्रुटियों के चलते हो प्रेरणा पोर्टल से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों का डीबीटी का डाटा वापस हुआ जिलेभर के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 2 लाख 31 हजार स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे धनराशि भेजी जाती थी। इस पर बीती 6 नवंबर को परिषदीय विद्यालयों के 1 लाख 14 हजार 858 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 12 करोड़ 63 लाख 43 हजार 800 सौ रुपये भेजे गए थे। इसी दिन मुख्यमंत्री की ओर से लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेशभर के परिषदीय विद्यालयों में तैनात स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खातों में सीधे धनराशि भेजी गई थी।
बावजूद इसके डाटा फडंग में त्रुटियों के चलते जिले के करीब बीस प्रतिशत बच्चों का डीबीटी का डाटा वापस हो गया। जिसके चलते 22,554 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी की धनराशि नहीं पहुंच सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी ने बताया कि
प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को वापस किया गया पूरा डाटा भेजा गया है। सभी को निर्देशित किया गया है कि सप्ताहभर में वापस हुआ डाटा ठीक कराकर भेजा जाए, जिससे कि बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे धनराशि भेजी जा सके। वहीं शेष रहे बच्चों का डाटा फीडिंग कर जल्द भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि कई मामलों में आधार से बच्चों के अभिभावकों के खाते लिंक न होने के मामलों के चलते भी डीवीटी का डाटा वापस हुआ है। बता दें कि डीबीटी के माध्यम से 1100 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से अभिभावकों के खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है, जिससे कि अभिभावक बच्चों के लिए दो जोड़ी यूनीफॉर्म समेत स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूल बैग खरीद सकें।
