चंदौसी। परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था और संचालन रामभरोसे है। सभी स्कूलों में कक्षा आठ की किताबें पहुंच गई हैं अथवा नहीं। इस बात पर अधिकारियों में ही विरोधाभास है। खंड शिक्षा अधिकारी बनियाखेड़ा ने सभी स्कूलों में कक्षा आठ के बच्चों को किताब मिलने दावा किया है। पड़ताल में अधिकांश स्कूलों में बच्चों के पास किताब नहीं मिलीं वहीं बीएसए ने भी कुछ स्कूलों में किताब न पहुंचने की बात स्वीकार की है।
जनपद में करीब 1520 परिषदीय विद्यालय में हैं। इनमें दो लाख 24 हजार पिछले दो साल से कोरोना के चलते शैक्षिक सत्र पटरी से उतर गया था। इस वर्ष जुलाई माह से शैक्षिक सत्र चालू हुआ और अगस्त में विद्यालय भी खुल गए। हैरानी की बात यह है कि परिषदीय विद्यालयों के कक्षा आठ के छात्रों को अभी तक किताब नहीं मिल पाई हैं। शैक्षिक सत्र चलते हुए पांचवां माह चल रहा है। ऐसे में बच्चों की शिक्षा रामभरोसे है।
पड़ताल की तो सामने आया कि कुछ विद्यालयों में अध्यापकों ने पुराने कक्षाओं के बच्चों से किताब
ले ली थी, उन्हीं से पढ़ाई कराई जा रही है। ढाई माह के बाद वार्षिक परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी शुरू हो जाएगी।
ऐसे में बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। शासन से किताब विभाग को प्राप्त हो गई हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह किताबें बच्चों तक नहीं पहुंची। यह किताब खंड शिक्षा कार्यालय, बीआरसी, एनपीआरसी कार्यालय में पड़ी हैं। इस मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी बनियाखेड़ा पोप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों में कक्षा आठ की किताबें बच्चों को वितरित कर गई हैं। वहीं बीएसए ने सभी स्कूलों में किताबें न पहुंचने की बात स्वीकारी है।
