कार्यदायी संस्था का दावा- 872 स्कूलों और 28 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूर्ण कराया जा चुका है काम
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पीने के लिए टोटी के पानी की व्यवस्था हो रही है। इसके लिए शासन की ओर से यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रत्येक यूनिट की लागत 59 हजार रुपये निर्धारित है। कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य भी कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ जगहों पर मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराए जाने से व्यवस्था फेल हो गई है। सीडीओ की ओर से सभी बीडीओ को सत्यापन करके रिपोर्ट प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पीने का शुद्ध पानी मिले। इसके लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पाइप लाइन बिछाने टंकी लगाने के साथ ही टोटी की व्यवस्था की जानी है।
जिले में यूपी प्रोजक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड यूनिट बस्ती को जिम्मेदारी मिली है। कार्यदायी संस्था के एई गोविंद शुक्ला बताते हैं कि ऐसे प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का चयन किया जा रहा है, जहां इंडिया मार्क टू हैंडपंप का पाइप चार इंच का हो और वहां बिजली की सुविधा हो । प्रत्येक यूनिट की लागत 59 हजार रुपये निर्धारित है। चयनित जगहों पर 500 लीटर क्षमता की टंकी, मोटर और टोटी लगाई जाना है। निर्धारित मानक को पूरा करने वाले जिले के 872 परिषदीय स्कूलों में और 28 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों को पीने के लिए टोटी के पानी की व्यवस्था कराई जा चुकी है। काम कराने के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षकों से सुविधा के अनुसार टोटी व टंकी आदि लगाने में स्थल के चयन में सहयोग लिया जा रहा है।
अभी मानक को पूर्ण करने वाले परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया जा रहा है। चिह्नित किए जाने पर वहां भी काम कराया जाएगा। वहीं, दूसरी तरह विकास खंड खलीलाबाद की ग्राम पंचायत विश्वनाथपुर के प्रधान के पति संतराम यादव बताते हैं कि गांव के परिषदीय स्कूल में बच्चों को टोटी के पानी की व्यवस्था तीन महीने पहले हुई थी, लेकिन वर्तमान में टोटी आदि क्षतिग्रस्त हो गई है। शिक्षकों और बच्चों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। कार्यदायी संस्था ने काम कराने के बाद जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है ।
