आजमगढ़। अब परिषदीय विद्यालयों का और तेजी से विकास हो सकेगा। इनके विकास पर राज्य वित्त के साथ ही अब केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाली रकम खर्च करने की अनुमति शिक्षा और पंचायती राज मंत्रालय ने दे दी है। इसके साथ ही सभी विद्यालयों से मार्च 2022 तक कायाकल्प का काम पूरा करने को कहा गया है।
परिषदीय विद्यालयों की हालत अच्छी नहीं होने के कारण लोग अपने बच्चों का प्रवेश नहीं कराना चाहते थे। इसी क्रम में ग्राम पंचायत निधि से स्कूलों की दशा सुधारने का निर्देश दिया गया। नतीजा यह रहा कि राज्य वित्त से स्कूलों की मरम्मत के कार्य कराने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह धीरे-धीरे स्कूलों में टाइल्स,मेज-कुर्सी, आकर्षक व जागरूकता वाली पेंटिंग कराने, छत, शौचालयों की मरम्मत आदि तक पहुंच गया है। अब केंद्रीय वित्त का धन भी स्कूलों पर खर्च करने की अनुमति मिलने के बाद बड़ा बदलाव दिखाई पड़ेगा। डीपीआरओ लालजी दुबे का कहना है कि पंचायतों के जरिए परिषदीय स्कूलों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। राज्य वित्त के साथ ही कुछ विद्यालयों में केंद्रीय वित्त का धन भी खर्च किया जा रहा है।
