नई सरकार की चुनौतियों और अपेक्षाओं पर छात्रों ने खुल कर रखी अपनी बात
आजमगढ़ विधानसभा चुनाव नजदीक आ चुका है। इस चुनाव से पहले हर तबके की अपनी-अपनी समस्याएं तो हैं ही वहीं आने वाली सरकार से अनेकानेक अपेक्षाएं भी जुड़ी हुई है। समस्याओं को लेकर जहां कहीं भी लोगों को आवाज उठाने का मौका मिल रहा है तो उनके मन की ज्वाला स्फूटित हो जा रही है। वहां की फिजाएं चुनावी अड्डा के रूप में अनायास परवर्तित होती दिख रही है। इन चर्चाओं में तार्किक बातें जहां सामने आ रही तो वहीं जनता जनार्दन का मिजाज भी चुनावी सरगर्मियों की तासीर क्या कर रही।
इसी को लेकर चुनावी अड्डा में पहुंचकर जब छात्रों के मन की बात को सुना, समझा और टटोला गया तो शिक्षित युवाओं ने बेरोजगारों, मंहगी शिक्षा, स्कालरशिप, क्षतिग्रस्त सड़कें आदि मूलभूत बिंदुओं को गिनाते चले गए। इन छात्रों का कहना था कि सरकार कोई भी हो उसे छात्रों की समस्याओं को समझने के साथ ही उसका निवारण भी कराना होगा। इसके लिए आवाज उठाने वाला जनप्रतिनिधि चाहिए जो शहर के बीच का हो, ताकि छोटी-बड़ी समस्याओं के निजात के लिए उनसे मुलाकात करना सुलभ हो सके।
छात्रों ने दो टूक कहा कि देश का भविष्य शिक्षित छात्र है. इस पौध को आने वाली सरकार को अच्छा बीज खाद देना ही पड़ेगा इन बातों से साफ है कि जागरूक छात्र अब अपने हक-हकूक के लिए खुद मुखर होना सीख चुके है, जो जनपद के भविष्य को नई दिशा दिखाने का काम करेगा। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लोग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे है चहुंओर माहौल चुनावी अड्डा सरोके नजर आ रहा है।
