सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब साइबर क्राइम योद्धा बनेंगे। बढ़ते साइबर क्राइम के प्रति छात्रों को सजग और सतर्क करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
छठीं से लेकर 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए इस संबंध में थीम निर्धारित कर दी गई है। स्कूलों में छात्रों के लिए साइबर क्राइम को लेकर कार्यशाला, संगोष्ठी, प्रतियोगिता सहित कई दूसरी गतिविधियां आयोजित होंगी। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की साइंस एंड टीवी ब्रांच की ओर से एक परिपत्र भी जारी किया गया है।
छठीं से लेकर 10 वीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के छात्रों को साइबर क्राइम के विषय पर आज के दौर में हर तरह की जरूरी जानकारी दी जाएगी। इसमें साइबर क्राइम के प्रकार, सोशल मीडिया, इंटरनेट, फेक न्यूज, फेक ऐप, इंटरनेट की लत, एटीएम स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल ऐप सिक्योरिटी सहित कई दूसरे बिंदु के संबंध में जागरूक किया जाएगा। जबकि 11वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए साइबर क्राइम और सुरक्षा, रोजाना के जीवन में साइबर स्वच्छता, सोशल नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट और सुरक्षा के संबंध में जागरूक किए जाएंगे। नवंबर से लेकर अगले वर्ष फरवरी माह तक की गतिविधियों को लेकर समय-सारणी जारी कर दी गई है। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य आज के बदलते दौर में छात्रों में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता पैदा करना है। साथ ही साइबर अपराध को रोकने के लिए प्रत्येक छात्र को साइवर योद्धा / ब्रांड एंबेसडर के तौर पर काम करना चाहिए।
इस विषय पर पढ़ाई के लिए हर माह का पहला बुधवार का दिन निर्धारित किया गया है। इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने और उसकी निगरानी के लिए डीडीई नोडल कार्यभारी का नामांकित करेंगे। स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश भी पत्र के माध्यम से जारी किए गए है।
