सौरिख प्राथमिक विद्यालय सराय प्रताप में संकुल शिक्षक संगोष्ठी हुई। इसमें पहुंचे हैपीनेस कार्यक्रम के राज्य परियोजना अधिकारी डॉ. सौरभ मालवीय व बीएसए संगीता सिंह ने पहले नवग्रह वाटिका का शुभारंभ किया सेवानिवृत्त शिक्षक भी सम्मानित किए गए।
राज्य परियोजना अधिकारी डॉ. सौरभ ने कहा कि मनुष्य जन्म सबसे उत्तम माना जाता है। वे अपनी आवश्यकताओं को महसूस कर उसकी पूर्ति करता है। वस्तुओं सेवा एवं संबंधों में उत्तम का चयन मनुष्य ही करता है। भारत की शिक्षा हमेशा उत्तम एवं ऊंची रही है। देश की शिक्षा ऐसी व्यवस्था है, जैसे मनुष्य के शरीर में आत्मा।
बीएसए संगीता सिंह ने शिक्षकों को निस्वार्थ भाव से कार्य करने की सलाह दी। कहा कि निस्वार्थ भाव से कार्य करने पर सुखद परिणाम की प्राप्ति होती है। इससे पहले दोनों अतिथियों ने नवग्रह वाटिका में पौधरोपण भी किया।
इस मौके पर बीईओ राजेश कुमार, प्रधानाध्यापक आशीष मिश्रा, वरूण दुबे, अलका यादव, सत्येंद्र सिंह यादव, मलिखान सिंह, नीरज यादव, पंकज राजपूत, संदीप यादव मौजूद रहे।
