Primary Ka Master Latest Updates👇

Thursday, December 30, 2021

जूतों के इंतजार में ऐसे ही न बीत जाए सर्दी

बरेली। दिसंबर बीतने को है। शीतलहर कहर बरपा रही है। बिना जूतों के घर से निकलो तो पांव सुन्न हो जाते हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के 1.29 लाख बच्चों के लिए जूते और स्वेटर खरीदने को उनके अभिभावकों के खाते में अब तक पैसे नहीं पहुंचे हैं बच्चे बिना जूतों के ही स्कूल जा रहे हैं।



परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 3.75 लाख बच्चों के खातों में यूनिफार्म, स्वेटर, जूता, मोजा और बस्ता के लिए धनराशि पहुंचनी है। बरेली में अभी तक दो लाख 45 हजार 446 बच्चों के खातों में ही धनराशि पहुंच चुकी है। एक लाख 29 हजार 554 बच्चों के खाते में धनराशि पहुंचना अभी बाकी है। ये बच्चे भीषण सर्दी के बाद भी चप्पल पहनकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बच्चों के पास तो स्वेटर तक नहीं है।


कि बच्चों के अभिभावकों के खाते आधार कार्ड से सीडेड नहीं हो पाए हैं। इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं। बीएसए विनय कुमार का कहना


लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में अब तक नहीं पहुंची जूते स्वेटर की रकमइसलिए अभी तक धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। जल्द ही सभी के खाते में रकम पहुंच जाएगी। बीएसए ने कहा कि जिन अभिभावकों के खाते सीडेड नहीं हो पा रहे हैं, उनके खातों को सीडेड कराने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों और हेड मास्टर से कहा गया है, ताकि अभिभावकों के खाते में पैसा पहुंच सके।

आधार कार्ड से मैच नहीं कर रहे खाते

एक शिक्षक ने बताया कि सीडेड कराने की जिम्मेदारी स्कूल के हेड मास्टर पर डाल दी गई है। हेड मास्टर सभी अभिभावकों के नाम की सूची, उनके बैंक खाते की डिटेल और आधार कार्ड से सीडेड करा रहे हैं लेकिन कई अभिभावकों के बैंक खातों में जो नाम है, वह आधार कार्ड से मेल नहीं खा रहा है। किसी की जन्मतिथि गलत है तो किसी का पता। इस कारण ये दिक्कतें हो रही हैं। सभी अभिभावकों को पहले ही बता दिया गया था कि आधार कार्ड में संशोधन करा लें, लेकिन इसके बाद भी कई अभिभावकों ने संशोधन नहीं कराया।

जूतों के इंतजार में ऐसे ही न बीत जाए सर्दी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

Social media link