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Tuesday, December 28, 2021

Primary ka master: परिषदीय विद्यालयों में दम तोड़ रहा 'मिशन कायाकल्प'

 बलिया। ‘मिशन कायाकल्प’ योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। हाल यह है कि विद्यालयों में चहारदीवारी, शौचालय, शुद्ध पेयजल, बिजली, डेस्क, बेंच नहीं हैं। विभाग का कहना है कि ग्राम पंचायतें इस दिशा में गंभीर नहीं हैं। कायाकल्प योजना के तहत 2250 के सापेक्ष अब तक 19 बिंदुओं पर महज 89 विद्यालय ही संतृप्त है। 1460 परिषदीय विद्यालयों में योजना के 14 पैरामीटरों को पूरा किया गया है।



जिले में करीब पांच फीसदी ऐसे भी स्कूल है, जहां अब शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जबकि 70 प्रतिशत स्कूल में सबमर्सिबल भी लग चुके हैं। इसके उलट कायाकल्प योजना से संतृप्त होने वाले 50 फीसद परिषदीय स्कूलों में अब भी बच्चे दरी व टाट पर बैठ कर पढ़ाई करने को विवश हैं। जबकि 42 प्रतिशत विद्यालय आज भी बगैर चहारदीवारी के संचालित हो रहे है। हालांकि इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि 91 प्रतिशत स्कूलों में बालिकाओं के लिए और 88 फीसद सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध है।


बेसिक शिक्षा विभाग के कायाकल्प योजना के जिला समन्वयक सत्येंद्र राय ने बताया कि कायाकल्प कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव की है। उन्हें बेहतर ढंग से काम कराना चाहिए। मिशन कायाकल्प योजना से जिन गांव में पैसा था तो वहां के ग्राम प्रधान काम करा दिए हैं। अब तक जो विद्यालय योजना से संतृप्त नहीं हुए है, उनको शीघ्र ही कायाकल्प योजना के सभी पैरा मीटरों पर संतृप्त कराया जाएगा।

Primary ka master: परिषदीय विद्यालयों में दम तोड़ रहा 'मिशन कायाकल्प' Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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