वाराणसी के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के साथ ही अब नए साल से उनकी बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। इसके लिए जिले के 1144 विद्यालयों में तैनात प्रधानाध्यापकों को टैबलेट दिया जाएगा। प्रधानाध्यापकों को टैबलेट देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है। इसमें लगभग दो करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा।
टैबलेट तैयार करने वाली कंपनियों को ब्लॉक स्तर पर टैबलेट की सप्लाई करनी होगी। प्रधानाध्यापकों के अलावा अकादमिक रिसोर्स पर्सन और ब्लॉक रिसोर्स सेंटर को भी टैबलेट दिया जाएगा। नई व्यवस्था से शिक्षकों के लेटलतीफी पर भी नकेल कसेगी। इसमें प्रेरणा पोर्टल से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
खास बात यह है कि इसमें विद्यालय का यू-डायस कोड और शिक्षक की मानव संपदा आइडी दर्ज होगी। उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शिक्षक को विद्यालय परिसर से ही सेल्फी अपलोड करनी होगी। टैबलेट मिलने के बाद मध्याह्न भोजन के दौरान प्रधानाध्यापक को बच्चों की गिनती कर उसे पोर्टल पर दर्ज करना होगा। प्रार्थना सभा में भी बच्चों की फोटो अपलोड करनी होगी।
शासन से नए साल में टैबलेट मिलते ही प्रधानाध्यापकों को वितरित कर दिए जाएंगे। उसे चलाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे छात्रों व शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के साथ एमडीएम की भी निगरानी हो सकेगी। – राकेश सिंह, बीएसए
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