सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर परिषदीय स्कूलों में कार्यभार ग्रहण किया
मिर्जापुर। मिर्जापुर जिले के परिषदीय के विद्यालयों के बर्खास्त 11 शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराया गया है। ऐसा न्यायालय के आदेश पर किया गया है।
विश्वविद्यालय से बीएड की टेम्पर्ड डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने का इन शिक्षकों पर आरोप लगाया गया था और बाद में उनको खास्त कर दिया गया था। अब उन्हीं शिक्षकों को कोर्ट के आदेश के पर ज्वाइन करवा लिया गया। आगरा विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 के
बीएड पास करने वाले अभ्यर्थियों पर टेम्पर्ड डिग्री हासिल करने का आरोप है। इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर लखनऊ एसआईटी ने ने जांच की थी। जिसके आधार पर सभी को बर्खास्त करते हुए जिले के विभिन्न पुलिस थानों में मुकदमा भी दर्ज कराने का निर्देश तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी बीईओ को दिया था।
इस बीच मामला सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गया। अदालत ने सुनावाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसी के आधार पर शासन ने सभी शिक्षकों को ज्वाइन कराने का आदेश प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिले के 11 शिक्षकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद ने विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करवाया बोएसए ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शिक्षकों को ज्वाइन करवाया गया है।
