पंद्रह दिन से नहीं मिला बूढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को मिड-डे मील
बड़ौत। बूढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में मध्याहन भोजन नहीं बन रहा है जिस कारण खाधान्न खराब हो रहा है। 15 दिन से इन छात्र-छात्राओं को न तो मिड-डे मील मिला है और न ही वार्षिक परीक्षाएं ही कराई जा रही है।
हालात ऐसे हैं कि स्कूल के एक कमरे में रखा गया मिड-डे मील का खाद्यान्न भी खराब हो रहा है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका आठ मार्च से चिकित्सीय अवकाश पर है, लेकिन अन्य कोई भी शिक्षक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी को एकदूसरे पर टाल रहे है।
वृहपुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और कंपोजिट विद्यालय में 291 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। इन सभी को 15 दिन से मिड के मोल नहीं दिया गया है। प्रधानाध्यापिका चित्रा आठ मार्च से अनुपस्थित चल रही है, जिस कारण छात्र-छात्राओं को दोपहर को मिड डे मील देना हो बंद कर दिया गया ऐसा नहीं कि स्कूल में अन्य स्टाफ नहीं है। विद्यालय में आठ शिक्षक और एक शिक्षा मित्र है, लेकिन कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। उधर चिकित्सीय अवकाश पर गई प्रधानाध्यापिका चित्रा का कहना है कि मेरे पास विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के चार्ज का कोई लिखित और मौखिक आदेश नहीं है। फिलहाल बीमार हूँ और मेडिकल छुट्टी पर हूं।
वहीं विद्यालय के अन्य स्टाफ का कहना है कि प्रधानाध्यापिका चित्रा विद्यालय के किसी दूसरे शिक्षक को चार्ज देकर नहीं गई। छात्र-छात्राओं के भविष्य के जिम्मेदारों के इस टालमटोल वाले रवैये का खामियाजा यह हुआ है कि स्कूल के कमरे में रखा मिड-डे मील का खाधान भी खराब हो रहा है। चूहों ने बोरे कई स्थानों से काट दिए है। जमीन पर बिखरे पड़े खाद्यान में पूरा दिन चूहे रेंगते रहते है। आठ मार्च के बाद से एक दिन भी बच्चों को खाना, दूध, केला उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस पर संज्ञान लेने का प्रयास नहीं किया गया है।

