ग्रामीणों के आग्रह पर खरीदने वालों ने सारा फर्नीचर लौटा दिया
साढौली कदीम विकास खंड स्वदौली कदीम क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में बिना विभागीय स्वीकृति लिए लाखों रुपये के फर्नीचर को कबाड़ बताते हुए बेचने का प्रयास कर रहे प्रधानाध्यापक को ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ लिया।
क्षेत्र के गांव बहरामपुर में संचालित शहीद बिंदरपाल सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय में लाखों रुपये के फर्नीचर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने एक प्राइवेट विद्यालय को कौड़ियों के भाव में बेचते हुए ट्रैक्टर-ट्राली में भरवा दिया। इसकी सूचना किसी ने ग्रामीणों को दे दी। सूचना पर ग्रामीण सुभाष आर्य, राजेश पंवार, रामशरण, अंकुश रविद्र अनित, बलकार आदि ने फर्नीचर ले जा रही ट्रैक्टर ट्राली का पीछा कर उसे रास्ते में घेर लिया तथा वापस विद्यालय में लेकर आए
ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद प्रधानाध्यापक से फर्नीचर बेचने का स्वीकृति पत्र मांगा तो इस पर प्रधानाध्यापक कोई पत्र नहीं दिखा पाये। उक्त घटना से शहीद विदरपाल सिंह के परिजनों में भी रोष है। प्राइवेट विद्यालय के मौके पर मौजूद शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने उक्त फर्नीचर की प्रधानाध्यापक से 27 हजार रुपये में खरीदा था ग्रामीणों के आग्रह पर फर्नीचर वापस कर दिया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक तेजवीर सिंह का कहना है कि फर्नीचर जर्जर है। जिसे बिना मरम्मत प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमरीश कुमार का कहना है उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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