मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रधानाचार्य और शिक्षक ड्यूटी करने के लिए अब बीमारी का बहाना नहीं बना सकेंगे। इसके लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र जारी किया है।
मार्च के अंतिम सप्ताह में यूपी बोर्ड परीक्षा की प्रस्तावित हैं। इसके लिए सभी केंद्रों पर व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों की तैनात की जानी है। प्रधानाचार्यों को जहां केंद्र व्यवस्थापक के रूप में तैनात किया जाता है तो वहीं शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के तौर पर तैनात किया जाता है। परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए कई प्रधानाचार्य और कक्ष निरीक्षक बीमार होने का बहाना बना कर चिकित्सकीय अवकाश पर चले जाते हैं। इससे प्रशासन के लिए बोर्ड परीक्षा कराने में परेशानी होती है। इस समस्या से बचने के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि बना मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच रिपोर्ट के बोर्ड परीक्षा तक कोई भी चिकित्सकीय अवकाश स्वीकृत न किया जाए।
अगर कोई प्रधानाचार्य या शिक्षक निजी चिकित्सक के अभिलेख प्रस्तुत करता है तो उसकी भी मुख्य चिकित्साधिकारी से जांच करा ली जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि आदेश के अनुसार ही परीक्षा के दौरान चिकित्सकीय अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
