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Tuesday, March 22, 2022

मिड-डे मील में रोटी की जगह बच्चों को खिलाए जले चावल और कच्चे केले, जानिए पूरी खबर

 पाकबड़ा के जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक ने बीईओ से की खराब भोजन की शिकायत 

पाकबड़ा/मुरादाबाद।

जूनियर हाईस्कूलों पाकबड़ा में सोमवार को मिड डे मील में विद्यार्थियों को रोटी की जगह जले चावल और कच्चे केले दिए गए। विद्यालय में उपस्थित 112 विद्यार्थियों में से 80 विद्यार्थियों को जले हुए चावल खाने पड़े। प्रधानाध्यापक का कहना है कि घटिया गुणवत्ता की शिकायत अधिकारियों से की है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी ने पहले शिकायत मिलने पर एनजीओ को नोटिस देने और कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कही है।



विद्यालय में 181 विद्यार्थी पंजीकृत है और सोमवार को 112 विद्यार्थी उपस्थित रहे। सोमवार को विभाग द्वारा विद्यार्थियों को मिड डे मोल में रोटी और सब्जी देना निर्धारित किया गया है, लेकिन ग्रामीण विकास एनजीओ के कर्मचारियों ने विद्यालय में रोटी की जगत जले चावल और कच्चे केले भेज दिए। आलू की सब्जी में भी पानी ही पानी था। रसोइये ने पहले आपत्ति व्यक्त की और फिर कर्मचारियों से खाना ले लिया।

इसके बाद विद्यार्थियों को खाने का वितरण किया गया जले चावलों में बदबू आने की वजह से कुछ विद्यार्थियों ने खाना नहीं लिया, जबकि  कुछ विद्यार्थियों ने भूख लगी होने की जसे बिना मन जले चलखा लिए और केले फेंक दिए। इस संबंध में प्रधानाध्यापक गंगासरन का कहना है कि रसोइया ने बिना देखें खाना लें लिया था और 80 विद्यार्थियों ने उसी खाने को खाया है। उन्होंने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह में इसी एनजीओ द्वारा कम हल्दी वाली पतली सन्जी और जली हुई रोटी भेजी थी, जिसको उन्होंने थापस कर खंड शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद एनजीओ द्वारा सही खाना भेजा जाने लगा था, लेकिन सोमवार को फिर घटिया गुणवत्ता का खाना भेजा गया है। 

एनजीओ की शिकायत सुनने के बजाय शिक्षकों को ठहराया जिम्मेदार

डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर एमडीएम अखिलेश सागर ने एनजीओ की शिकायत सुनने के बजाय विद्यालय के शिक्षकों पर मिलीभगत होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनजीओ छह महीने से 35 विद्यालयों में मिड डे मील की आपूर्ति कर रहा है। इन विद्यालयों में लगभग साढ़े छह हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन कहीं से शिकायत नहीं मिली है। सिर्फ पाकबड़ा से ही शिकायत आती है, जबकि जांच में कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने हमसे शिकायत नहीं की है। हमारी जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को मौनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण खाना मिले और सोमवार को चाखल वितरित किया जाना मीनू के अनुसार नहीं है। 

अधिकारी बोले पहले भी मिली है शिकायत

खंड शिक्षा अधिकारी ओमेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एनजीओ की पहले भी घटियाखाना भेजने की शिकायत मिली थी। इसके खिलाफ नोटिस जारी किया गया था और विभाग ने भुगतान भी रोका था। बाद में शिक्षकों ने सही गुणवता का खाना मिलने की जानकारी दी और एनजीओ संचालक ने कभी घटिया खाना न भेजने का शपथ पत्र दिया था, उसके बाद भुगतान जारी किया गया था। इस शिकायत की भी जांच की जाएगी।

मिड-डे मील में रोटी की जगह बच्चों को खिलाए जले चावल और कच्चे केले, जानिए पूरी खबर Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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