गोंडा के खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह के द्वारा पत्नी के नाम से बीमा एजेंसी चलाने का मामला सामने आया है। शासन ने मामले की जांच के लिए सहायक शिक्षा निदेशक अयोध्या और सहायक शिक्षा निदेशक देवीपाटन की समिति गठित की है।
आरपी सिंह पर आरोप है कि वह पत्नी को तलाक दे रखा है, लेकिन हकीकत में पत्नी को साथ रखकर बीमा एजेंसी संचालित कर रहा था। वह स्वयं बीमा एजेंट बनकर विकास खंड में तैनात परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षिकाओं पर बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए दबाव बनाता था। इस तरह उसने बीमा कमीशन के रूप में लाखों रुपये कमाए हैं। आरपी सिंह पर महिला शिक्षकों को भय दिखाकर उनका उत्पीड़न व शोषण करने और निजता को प्रभावित करने का भी आरोप है।
जिन शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने उनसे बीमा पॉलिसी खरीदी उन्हें सेवा कार्य में छूट दी गई और जिन्होंने पॉलिसी नहीं खरीदी उनका शोषण किया। इतना ही नहीं, आरपी सिंह पर पर बीआरसी भवन करनैलगंज के रखरखराव में भी वित्तीय अनियमितता और शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराए बिना वेतन भुगतान कराने का भी आरोप है। विभाग के संयुक्त सचिव कामता प्रसाद सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी आरपी सिंह के खिलाफ जांच कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए हैं।
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