सिद्धार्थनगर बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने सोमवार को तीन फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। अपने ही नाम के दूसरे शिक्षक की मार्कशीट पर जिले में नौकरी कर रहे दो फर्जी शिक्षकों एवं फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे एक शिक्षक की सेवा समाप्त की गई है। इस मामले में बीएसए ने तीनों के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारियों को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
खुनियांव ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय लिंगी नानकार में तैनात सहायक अध्यापक राधेश्याम तिवारी के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई। असली राधेश्याम तिवारी गोंडा जिले के वजीरगंज में प्राथमिक विद्यालय कोठाखास में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं, जबकि उनके प्रमाणपत्र पर जिले में राधेश्याम तिवारी नौकरी कर रहा था। इसका खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ है। खुनियांव के पूर्व
माध्यमिक विद्यालय कुम्हारडोह में सहायक अध्यापक अजय कुमार का भी प्रमाणपत्र फर्जी मिले। असली अजय कुमार की तैनाती महराजगंज जनपद में हैं।
उसका बाजार के प्राथमिक विद्यालय भठिया में सहायक अध्यापक सच्चिदानंद पांडेय ने टीईटी 2011 का प्रमाणपत्र फर्जी लगाया था। उल्लेख किए गए अनुक्रमांक के सत्यापन में प्रमाणपत्र महमूद रहमान का निकला। सच्चिदानंद मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है।
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि तीनों शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि एसटीएफ की जांच के साथ ही ऑनलाइन सत्यापन में पकड़ी गई है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए बीईओ को निर्देशित किया गया है।

