लखनऊ: अब स्कूल की छोटी-मोटी समस्याओं को प्रधानाध्यापक अपने स्तर से सुलझा सकेंगे। इसके लिए राजकीय इंटर कालेजों के प्रधानाध्यापकों को लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जाएगी। आईआईएम लखनऊ ये प्रशिक्षण देगा। शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों के साथ की जाएगी। 200 प्रधानाध्यापकों का पहले चरण में चयन होगा। जनवरी 2023 तक इसकी कार्ययोजना बना कर प्रशिक्षण की शुरुआत करवाई जाएगी।
इसमें प्रधानाध्यापकों को स्कूल का बेहतर तरीके से प्रबंधन सिखाया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह है कि स्कूलों में एक ऐसा तंत्र तैयार हो जिसमें पढ़ाई से लेकर खेलकूद व अन्य काम अपने आप होते रहें। इसके लिए किसी भी किस्म के आदेश की जरूरत न हो।
वहीं स्कूल में कोर्स समय पर पूरा हो और परीक्षाएं करवाने में किसी भी किस्म की दिक्कत न आए। शिक्षकों व विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय और स्कूलों में स्वस्थ माहौल की जिम्मेदारी भी प्रधानाध्यापकों की होगी। विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की गाइडलाइन के अनुसार काम किया जाएगा। नए शैक्षिक सत्र वर्ष 2023 से शिक्षकों को हर पाठ की पाठ्य योजना तैयार करके दी जाएगी। लेसन प्लान बेसिक शिक्षा में लागू है इसे अब माध्यमिक शिक्षा में भी लागू किया जाएगा।
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