विभागीय आदेश की परवाह किये बगैर देश विदेश की सैर
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा जिस पर प्रदेश के करोड़ों नवनिहालों को शिक्षा और संस्कार | देने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापक और अध्यापिकाओं की है जिसके एवज में प्रदेश सरकार इन शिक्षकों को भारी भरकम वेतन देती है, इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षारत छात्रों में गुणवत्ता न आने से सरकार चिन्तित है | शिक्षा विभाग ही एक मात्र ऐसा विभाग हैं जहाँ पढ़ाने वाले शिक्षकों की कोई जवाबदेही नही है उनका काम छोड़करकेवल स्कूल जाना और कागजी कोरम पूरा करना है | इसी विभाग में मौसम को देखते हुए गर्मी में एक महीने और सर्दी में पन्द्रह दिनों की छुट्टी रहती है पर वेतन पूरा मिलता है ! दिलचस्प बात यह कि ये सारे अध्यापक और अध्यापिकाएं गर्मी की छुट्टियों को बड़े ही निराले अन्दाज में बिताते है, कोई पौराणिक स्थल पर घूम रहे है तो कोई मनाली बीच गर्मी में सर्दी का मजा ले रहे हैं।
और बाकायदा सोसल मीडिया में उसे वायरल भी करते हैं जिससे अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों में असंतोष की भावना पनप रही है ! क्योंकि नौकरी तो सभी विभाग करते हैं किन्तु ऐश केवल बेसिक के शिक्षक ही कर पाते हैं !

