नेरी (सीतापुर)। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार कागजों पर तमाम प्रयास कर रही है हकीकत में यह प्रयास कितने कारगार यह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नेरी खुद ही बयां कर रहा है। 10 किलोमीटर के दायरे में महज एक ही जीजीआईसी होने के कारण बालिकाओं की शिक्षा यही से निर्भर है। लेकिन यहां पर 700 बालिकाओं के लिए केवल दो ही शिक्षिकाएं तैनात है। इनकी तैनाती के 14 साल बीत जाने के बाद भी एक भी नई पोस्टिंग नहीं हुई है। इससे बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। जबकि इसके लिए प्रधानाचार्य से लेकर अभिभावक तक लगातार गुहार लगा रहे हैं।
राजकीय बालिका विद्यालय का संचालन 1985 से हाईस्कूल तक शुरु किया गया था। जिसे उच्चीकृत कर वर्ष 2009 में इंटर तक की पढ़ाई शुरू कर दी गई। लेकिन शिक्षण कार्य स्टाफ की कमी के चलते प्रभावित हो रहा है। विद्यालय में 12 प्रवक्ता व 9 सहायक शिक्षिका के पद सृजित है जिसके सापेक्ष वर्ष 2009 से महज एक प्रवक्ता व एक सहायक अध्यापिका की तैनाती की गई थी। जबकि इस विद्यालय में 700 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रहीं हैं।
शिक्षिकाओं की कमी से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इलाके में 10 किलोमीटर के दायरे में इकलौता विद्यालय होने से दूरदराज की छात्राएं यहां पर अध्ययन करने के लिए आती है। जब शिक्षिकाओं की कमी है तो केवल कागजों पर पढ़ाई कर रही है। अभिभावक संघ की ओर से सात शिक्षिकाओं को विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए रखा गया है। लेकिन शासन स्तर से प्रवक्ताओं की नियुक्ति न होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
अन्य स्टॉफ की भी है कमी
जीजीआईसी में छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जगह एक की तैनाती है। कनिष्ठ लिपिक, परिचारक व दफ्तरी की भी तैनाती नहीं है। इससे शासकीय कार्य भी प्रभावित होते है।
लिखा गया है पत्र
अभिभावक राधेश्याम विद्यार्थी, संजय मिश्रा, अनिल, धनीराम, हरद्वारी लाल, कृष्ण गोविंद मिश्रा ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा सहित जिलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा है। जिसके जरिए यहां पर शिक्षकों की तैनाती किए जाने की मांग की है।
प्रभावित हो रही है पढ़ाई
कक्षा 9 की छात्रा तृप्ति मिश्रा ने बताया कि विद्यालय में स्टॉफ की कमी होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। पढ़ाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।
लिखा जा चुका है पत्र
स्कूल में शिक्षक सहित अन्य स्टॉफ की तैनाती के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन इस समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। रेखा श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य
उच्च शिक्षा में होगी दिक्कत
कक्षा 10 की छात्रा शीतू ने बताया कि विद्यालय में संबंधित विषयों के प्रवक्ता न होने से सही ढंग से विषय का अध्ययन नहीं हो पा रहा है। वहीं कक्षा 12 की छात्रा अनुपम सिंह ने बताया विद्यालय में पढ़ाई के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। शासन स्तर से जल्द ही प्रवक्ता व शिक्षिकाओं की नियुक्ति नहीं की गई तो करीब सात सौ बालिकाओं का भविष्य अधर में पहुंच जाएगा।

