कोटेदारों को मिड-डे मील का सात वर्ष से नहीं मिला भाड़ा, डीएम सख्त
इसे वित्तीय लापरवाही कहें या कुछ और, लेकिन कोटेदारों को मिड-डे मील के ढुलाई भाड़े का पिछले सात वर्ष से इंतजार है। यह रकम बेसिक शिक्षा विभाग के भुगतान के बाद संभागीय लेखाधिकारी खाद्य एवं रसद गोंडा के यहां पड़ी है। यह मसला भी छिपा रहता अगर गत सप्ताह चितौरा ब्लाक के कोटेदारों ने जिलाधिकारी मोनिका रानी के सामने न उठाया होता।
कोटेदारों के बकाए का मामला काफी चौंकाने वाला है। जिले में करीब 1,304 कोटेदार हैं, जिन्हें अनवरत मिड-डे मील की ढुलाई के बावजूद सन् 2016 से भाड़ा नहीं मिला है। केवल बहराइच जिले में ही यह रकम लगभग करोड़ रुपये है। चूंकि मिड-डे-मील के खाद्यान्न की ढुलाई के लिए कोटेदार को 75 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा अनुमन्य है, ऐसे में अगर हर साल कोटेदार इस धनराशि को पाने के लिए प्रयास करता तो आधे से अधिक रकम कागजी घोड़े दौड़ाने में ही खर्च हो जाती। इसलिए कोटेदारों ने चुप्पी साधे रखी। अब रकम काफी अधिक हो गई है और कोटेदारों का धैर्य भी जवाब देने लगा तब यह चित्तौरा ब्लाक के कोटेदारों ने जिलाधिकारी के समक्ष उठा दिया। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कोटेदारों को भुगतान कराने का वादा किया और बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी से इस बाबत स्पष्टीकरण तलब किया। इस पर कोटेदोरों के प्रपत्र समय से न दाखिल करने का आड़ ली गई।
हुजुरपुर, तेजवापुर, पयागपुर को छोड़कर 11 ब्लाक एवं एक नगरीय क्षेत्र के कोटेदारों का कराया जाएगा। उठाया था। इस पर बिल जमा कर दिया गया है इन तीन ब्लाकों के कोटेदारों का भी बिल तैयार किया जा रहा है जल्द ही भुगतान
-संजीव सिंह, जिला विपणन अधिकारी
कोटेदारों ने पिछली बैठक में यह मसला संबंधित अधिकारियों को बुलाकर जानकारी मांगी है उन्हें एक माह की मोहलत भुगतान कराने के लिए दी गई है यदि भुगतान नहीं हुआ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
- मोनिका रानी, जिलाधिकारी
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 2803 स्कूलों में अध्ययनरत साढ़े चार लाख बच्चों के लिए आ रहे खाद्यान्न का 75 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निरंतर भुगतान किया जा रहा है। एक माह पहले पिछली तिमाही का 10 लाख रुपये अवमुक्त किया गया है।
- अव्यक्तराम तिवारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी

