संकुल मीटिंग से गायब रसूखदार अध्यापक ,खास मीटिंग के दिन ले लेते है सीएल
बिजनौर। ऊंचे रसूख वाले शिक्षक शिक्षिकाएं संकुल मीटिंग से बाहर रहकर मौज मार रहे है और अपने कर्तव्यों पर चलने वाले अध्यापक विभागीय सोतेलापन का शिकार हो रहे है। प्रत्येक माह होने वाली संकुल मीटिंग में परिषदीय स्कूलों के शिक्षको को संकुल प्रभारियों द्वारा स्कूल में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के टिप्स दिए जाते हे, लेकिन इन संकुल मीटिंग में अधिकतर शिक्षक या तो आकस्मिक अवकाश लेकर घर बैठ जाते है या फिर रसूखदार शिक्षक संकुल प्रभारियों से तालमेल बिठाकर अपने घर आराम फरमाते है और तो और उनके हस्ताक्षर भी फर्जी रूप से मीटिंग में करा दिए जाते है। पीड़ित शिक्षको ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि उन्हें हरबार मीटिंग में बुल घंटो बैठाया जाता है लेकिन
बुल घंटो बैठाया अनुपस्थित अध्यापकों की कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती है, बल्कि संकुल प्रभारी व मौके पर पहुंचने वाली ए आर पी टीम के सदस्य भी गैर हाजिर शिक्षको की तरफदारी करते नजर आते है, जबकि मीटिंग का कालम पूरा करने वाले भी उन्ही के बीच के अध्यापक है, लेकिन संकुल प्रभारी उनके साथ अधिकारियों की तरह व्यवहार करते नजर आते है। शिक्षको का कहना है कि मीटिंग में प्रतिभाग करने वाले समस्त अध्यापकों की वीडियोग्राफी
करके बीएसए उसका आंकलन करना चाहिए और फर्जी हस्ताक्षर कराने वाले शिक्षको पर कार्यवाही होनी चाहिए, मीटिंग के दौरान सीएल लेने या फिर मेडिकल लेने के आदि शिक्षको की मीटिंग डायट स्तर पर होनी चाहिए ताकि गैर हाजिर रहने वाले शिक्षको को मीटिंग की महत्ता के साथ सबक भी मिल सके। जब इस संबंध में बीएसए से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ करवाही की जाएगी।

