फरीदाबाद। जिले के प्राइमरी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) से इस बारे में जवाब मांगा है। रिकॉर्ड के मुताबिक 2022 में पहली से पांचवीं कक्षा में 57,596 छात्रों ने दाखिला लिया था। जबकि इस साल स्कूल में 50,446 छात्रों ने ही दाखिला लिया है। छात्र संख्या कम होने के कारण शिक्षा विभाग ने 22 जिलों के डीईईओ से एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपलोड न होने और छात्रों की संख्या कम होने के कारण बताने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि स्कूल शिक्षकों की माने तो इस वर्ष स्कूलों में छात्रों की संख्या कम रहने का मुख्य कारण परिवार पहचान पत्र बताया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है जोकि अपडेट न होने के कारण इस बार छात्र दाखिले से वंचित रह गए। इस संबंध में हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह का कहना है कि इस साल प्राइमरी स्कूलों में छात्र की संख्या कम होने का मुख्य कारण परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड अपडेट न होना है। साथ ही अप्रैल-मई में दाखिले के समय पोर्टल बंद रहा। उसके बाद शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी लगा दी गई। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने में चिराग योजना भी अहम रोल अदा कर रही है। सरकार चिराग योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ने के लिए फीस दे रही है। इसके चलते बच्चे भी सरकारी स्कूल में दाखिला लेने की बजाय प्राइवेट की ओर रुख कर रहे हैं।
इस संबंध में डीईईओ फरीदाबाद राम दहिया जगत का कहना है कि बच्चों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने को लेकर बीईओ की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकांश बच्चों के दस्तावेज पूरे नहीं हैं। उसे भी हमारी तरफ से अपडेट किया जा रहा है। दो दिन बाद विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। आज से ही बच्चों का डाटा पोर्टल पर अपडेट करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

